Saturday, December 02, 2006

चलो एक बार फिर से॰॰॰

हिन्दी ब्लाग जगत के साथियों।

एक बडे अन्तराल के बाद ये ब्रजवासी वापास आ रहा है।

बहुत कुछ बदला है, शादी, स्थान, नौकरी और डिग्री
फिर भी लगता है, एक दम वैसी ही है जिन्दगी

आशा है जल्दी जल्दी लिखने का मौका मिलेगा॰॰॰

6 comments:

mahashakti said...

ब्रजवासी भाई आपका पुन: स्‍वागत है। आप जैसों से तो यह मंच गुलजार था- बहुत कुछ बदला है, शादी, स्थान, नौकरी और डिग्री
फिर भी लगता है, एक दम वैसी ही है जिन्दगी सब कुछ बदला तो ठीक था किनतु शादी बदलने की बात समझ मे नही आई। आपके जीवन मे प्रेम खुसियों की बरसात होती रहे, आशा है कि कुछ पढने को जल्‍द ही मिलेगा। .................... प्रमेन्‍द
www.pramendra.blogspot.com

mahashakti said...

ब्रजवासी भाई आपका पुन: स्‍वागत है। आप जैसों से तो यह मंच गुलजार था- बहुत कुछ बदला है, शादी, स्थान, नौकरी और डिग्री
फिर भी लगता है, एक दम वैसी ही है जिन्दगी सब कुछ बदला तो ठीक था किनतु शादी बदलने की बात समझ मे नही आई। आपके जीवन मे प्रेम खुसियों की बरसात होती रहे, आशा है कि कुछ पढने को जल्‍द ही मिलेगा। .................... प्रमेन्‍द
www.pramendra.blogspot.com

mahashakti said...

ब्रजवासी भाई आपका पुन: स्‍वागत है। आप जैसों से तो यह मंच गुलजार था- बहुत कुछ बदला है, शादी, स्थान, नौकरी और डिग्री
फिर भी लगता है, एक दम वैसी ही है जिन्दगी सब कुछ बदला तो ठीक था किनतु शादी बदलने की बात समझ मे नही आई। आपके जीवन मे प्रेम खुसियों की बरसात होती रहे, आशा है कि कुछ पढने को जल्‍द ही मिलेगा। .................... प्रमेन्‍द
www.pramendra.blogspot.com

mahashakti said...

ब्रजवासी भाई आपका पुन: स्‍वागत है। आप जैसों से तो यह मंच गुलजार था- बहुत कुछ बदला है, शादी, स्थान, नौकरी और डिग्री
फिर भी लगता है, एक दम वैसी ही है जिन्दगी सब कुछ बदला तो ठीक था किनतु शादी बदलने की बात समझ मे नही आई। आपके जीवन मे प्रेम खुसियों की बरसात होती रहे, आशा है कि कुछ पढने को जल्‍द ही मिलेगा। .................... प्रमेन्‍द
www.pramendra.blogspot.com

अमित अग्रवाल said...

o brijwaasi bhaiya,
kahan ho ? likho jaldi se kuchha

betuki@bloger.com said...

आपका स्वागत है। हम भी ब्रजवासी हैं। लिखते रहें।